राष्ट्रीय प्रतीक

बुर्किना फ़ासो का राजचिह्न
राजचिह्न
बुर्किना फ़ासो का ध्वज
राष्ट्रीय ध्वज

दो क्षैतिज पट्टियां, लाल (ऊपर) और हरी (नीचे), जिनके केंद्र में पांच कोनों वाला सुनहरा तारा है।

बुर्किना फ़ासो

साहस और गरिमा का राष्ट्र

बुर्किना फ़ासो, जिसका आधिकारिक नाम बुर्किना फ़ासो का संक्रमणकालीन राज्य है, पश्चिम अफ़्रीका में स्थित एक स्थलरुद्ध देश है। इसका क्षेत्रफल लगभग 274,200 km² है और इसकी सीमाएँ माली, नाइजर, बेनिन, टोगो, घाना और कोत दिव्वार से लगती हैं।

बुर्किना फ़ासो का ध्वज

राष्ट्रीय जानकारी

बुर्किना फ़ासो के बारे में प्रमुख तथ्य और आंकड़े — इसकी शासन व्यवस्था, भूगोल, संस्कृति और लोग।

  • राजधानी Ouagadougou
  • जनसंख्या लगभग 22.5 मिलियन (2024 का अनुमान)
  • आधिकारिक भाषाएँ फ़्रेंच (आधिकारिक), मोरे, ड्यूला, फुलफुल्दे तथा 60 से अधिक राष्ट्रीय भाषाएँ
  • अंतरराष्ट्रीय डायलिंग कोड +226
  • जलवायु उष्णकटिबंधीय, दो ऋतुओं के साथ: वर्षा ऋतु (जून–अक्टूबर) और शुष्क ऋतु (नवंबर–मई)
  • राष्ट्रीय ध्वज दो क्षैतिज पट्टियाँ — लाल (ऊपर) और हरी (नीचे) — जिनके केंद्र में एक सुनहरा पाँच-कोणीय तारा है
  • राष्ट्रीय आदर्श वाक्य एकता – प्रगति – न्याय (Unité – Progrès – Justice)
  • राष्ट्रगान दितान्ये (Ditanyè) — “एक ही रात”
  • समय क्षेत्र GMT / UTC+0 (डेलाइट सेविंग टाइम लागू नहीं)
  • मुद्रा पश्चिम अफ़्रीकी CFA फ़्रैंक (XOF)
  • राष्ट्राध्यक्ष कैप्टन इब्राहिम त्राओरे, संक्रमणकाल के राष्ट्रपति
  • प्रधानमंत्री Rimtalba Jean Emmanuel Ouédraogo

नेतृत्व

  • कैप्टन इब्राहिम त्राओरे

    कैप्टन इब्राहिम त्राओरे

    राष्ट्राध्यक्ष, संक्रमणकाल के राष्ट्रपति

  • Rimtalba Jean Emmanuel Ouédraogo

    Rimtalba Jean Emmanuel Ouédraogo

    प्रधानमंत्री

भूगोल और प्रादेशिक संगठन

बुर्किना फ़ासो नाम का अर्थ है “ईमानदार लोगों का देश”। पश्चिम अफ़्रीका के मध्य में स्थित इस देश की समुद्र तक कोई पहुँच नहीं है: इसके उत्तर और पश्चिम में माली, उत्तर-पूर्व में नाइजर, दक्षिण-पूर्व में बेनिन, दक्षिण में टोगो और घाना तथा दक्षिण-पश्चिम में कोत दिव्वार स्थित हैं।

इसकी भू-आकृति अत्यंत समतल है: देश के पश्चिम में स्थित सबसे ऊँची चोटी, तेनाकुरू (Ténakourou), की ऊँचाई 747 मीटर है।

2001 के सुधार से उत्पन्न प्रशासनिक विभाजन के अनुसार, देश में 13 क्षेत्र, 45 प्रांत और 350 विभाग थे, साथ ही निर्वाचित महापौरों द्वारा संचालित लगभग 350 पूर्ण अधिकार प्राप्त कम्यून और लगभग 8,000 गाँव थे। प्रत्येक विभाग उसी नाम के एक कम्यून के अनुरूप है, जो अपने अंतर्गत आने वाली बस्तियों का प्रशासन करता है। 2025 में अपनाए गए एक प्रादेशिक सुधार ने क्षेत्रों की संख्या बढ़ाकर 17 कर दी।

बुर्किना फ़ासो का मानचित्र

राजचिह्न

बुर्किना फ़ासो का राजचिह्न 1 अगस्त 1997 के कानून संख्या 20/97/II/AN द्वारा निर्धारित है। इसमें निम्नलिखित शामिल हैं:

  • एक ढाल, जिसके शीर्ष पर चाँदी के रंग की पट्टी पर देश का नाम “BURKINA FASO” अंकित है;
  • इसके मध्य में, दो क्षैतिज पट्टियों वाली एक छोटी ढाल, जिस पर राष्ट्रीय प्रतीक अंकित है और जो दो आड़े-तिरछे भालों पर स्थित है;
  • दोनों ओर से छोटी ढाल को थामे हुए, पिछले पैरों पर खड़े चाँदी के रंग के दो घोड़े;
  • नीचे की ओर, एक खुली पुस्तक;
  • उसके नीचे, बाजरे के दो आड़े-तिरछे डंठल, जो अपने आधार पर राष्ट्रीय आदर्श वाक्य “Unité – Progrès – Justice” (एकता – प्रगति – न्याय) वाली पट्टी से जुड़े हैं।

प्रतीकात्मकता

  • दो घोड़े: बुर्किनाबे जनता की कुलीनता; उनकी मुद्रा कर्मठता को और उनकी स्थिति एकता की आवश्यकता को दर्शाती है, जो जनता की शक्ति है।
  • छोटी ढाल: राष्ट्र की रक्षा और मातृभूमि के प्रति प्रेम; संकटों के विरुद्ध कवच और हर आक्रमण के विरुद्ध प्राचीर के रूप में यह राज्य की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
  • भाले: बुर्किना फ़ासो की संतानों का अपनी मातृभूमि की रक्षा का संकल्प; उनकी आड़ी-तिरछी स्थिति जनता की सतर्कता और वीरता को दर्शाती है।
  • खुली पुस्तक: ज्ञान और शिक्षा की खोज, जो प्रगति और विकास के कारक हैं।
  • बाजरे की बालियाँ: खाद्य आत्मनिर्भरता और समृद्धि की आकांक्षा।
बुर्किना फ़ासो का राजचिह्न

ध्वज, आदर्श वाक्य और राष्ट्रगान

बुर्किना फ़ासो का ध्वज समान आकार की दो क्षैतिज पट्टियों से बना है — ऊपर लाल और नीचे हरी — जिनके केंद्र में सुनहरे-पीले रंग का पाँच-कोणीय तारा है।

  • लाल रंग देशभक्तों द्वारा कल, आज और कल बहाए गए रक्त का और, विस्तार से, बुर्किनाबे जनता के सभी बलिदानों का प्रतीक है।
  • हरा रंग देश की वनस्पति एवं कृषि संपदा का और, विस्तार से, उस समृद्धि का प्रतीक है जो जनता के लिए सुख लाएगी।
  • पीला तारा उस दृष्टि और पूर्णता का प्रतीक है जो भविष्य के निर्माण में देश का मार्गदर्शन करे।

राष्ट्रीय आदर्श वाक्य “Unité – Progrès – Justice” (एकता – प्रगति – न्याय) है। राष्ट्रगान दितान्ये (Ditanyè) है, जिसे “Une seule nuit” (एक ही रात) के नाम से भी जाना जाता है।

संस्कृति

उत्सव

  • FESPACO (औगाडूगू अखिल-अफ़्रीकी फ़िल्म एवं टेलीविज़न महोत्सव): अफ़्रीकी सिनेमा का सबसे बड़ा महोत्सव, जो हर दो वर्ष में विषम वर्षों के फ़रवरी माह में औगाडूगू में आयोजित होता है।
  • SIAO (औगाडूगू अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला): अफ़्रीकी हस्तशिल्प के प्रचार का सबसे बड़ा मेला, जो हर दो वर्ष में, मुख्यतः सम वर्षों में (अक्टूबर के अंत – नवंबर के आरंभ में) आयोजित होता है।
  • SNC (राष्ट्रीय संस्कृति सप्ताह): हर दो वर्ष में बोबो-ड्यूलासो में एक सप्ताह तक आयोजित होता है।

संग्रहालय

  • औगाडूगू और आसपास: राष्ट्रीय संग्रहालय, संगीत संग्रहालय, सशस्त्र बल संग्रहालय, जल संग्रहालय, मानेगा संग्रहालय।
  • बोबो-ड्यूलासो: सोगोसिरा सानू संग्रहालय, कल और आज के संगीत का संग्रहालय, सेनूफ़ो सांस्कृतिक केंद्र।
  • गाउआ: दक्षिण-पश्चिम की सभ्यताओं का संग्रहालय।
  • काया: काया संग्रहालय।

भाषाएँ

बुर्किना फ़ासो में 60 से अधिक जातीय समूह और 60 से अधिक भाषाएँ हैं। सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं में मोरे, ड्यूला, फुलफुल्दे, गुलमांसेमा, बोबो, दगारा, लोबिरी, सान, मार्का (सोनिंके), ब्वामु, सेनूफ़ो, तूसियान, कासेना, ल्येले और बिसा शामिल हैं।

फ़ासो दान फ़ानी

फ़ासो दान फ़ानी (Faso Dan Fani), जिसका ड्यूला भाषा में अर्थ है “मातृभूमि का बुना हुआ कपड़ा”, हाथ से बुना एक पारंपरिक वस्त्र है, जो बुर्किना फ़ासो और विदेशों में अत्यंत लोकप्रिय है।

बुर्किना फ़ासो – भारत द्विपक्षीय संबंध

बुर्किना फ़ासो और भारत के बीच दक्षिण-दक्षिण सहयोग के साझा मूल्यों पर आधारित घनिष्ठ एवं मैत्रीपूर्ण द्विपक्षीय संबंध हैं। तकनीकी सहायता, क्षमता निर्माण और ऋण-सहायता (लाइन ऑफ़ क्रेडिट) के माध्यम से भारत बुर्किना फ़ासो के विकास में एक दृढ़ साझेदार रहा है। दोनों राष्ट्र व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्रों में अपने संबंधों को निरंतर सुदृढ़ कर रहे हैं।

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