राष्ट्रीय प्रतीक

बुर्किना फ़ासो का राजचिह्न
राजचिह्न
बुर्किना फ़ासो का ध्वज
राष्ट्रीय ध्वज

दो क्षैतिज पट्टियां, लाल (ऊपर) और हरी (नीचे), जिनके केंद्र में पांच कोनों वाला सुनहरा तारा है।

बुर्किना फ़ासो – भारत सहयोग: नए राजदूत महामहिम श्री डेज़िरे बोनिफ़ास सोमे ने अपना परिचय पत्र प्रस्तुत किया

राष्ट्रपति भवन के एक कक्ष में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु बुर्किना फ़ासो के राजदूत और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करती हुईं
नई दिल्ली स्थित बुर्किना फ़ासो दूतावास
दूतावास समाचार

29 अगस्त 2023 को महामहिम डॉ. डेज़िरे बोनिफ़ास सोमे ने बुर्किना फ़ासो के असाधारण और पूर्णाधिकार प्राप्त राजदूत के रूप में भारत गणराज्य की राष्ट्रपति महामहिम श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को अपना परिचय पत्र प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर नए राजदूत ने नई दिल्ली में मिले स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया और भारत की राष्ट्रपति को अपने बुर्किनाबे समकक्ष महामहिम कैप्टन इब्राहिम त्राओरे की हार्दिक शुभकामनाएँ पहुँचाईं।

राजदूत सोमे ने अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों, विशेष रूप से 23 अगस्त 2023 को चंद्रयान-3 चंद्र मिशन की सफलता के लिए बधाई दी, जिसने देश को नियंत्रित चंद्र अवतरण में सक्षम राष्ट्रों के अत्यंत विशिष्ट समूह में स्थान दिलाया।

द्विपक्षीय विषयों पर उन्होंने सहयोग की स्थिति की समीक्षा की और विशेष रूप से सुरक्षा, मानवीय सहायता, वैज्ञानिक अनुसंधान और विश्वविद्यालयी प्रशिक्षण के क्षेत्रों में इसके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए काम करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

भारत की राष्ट्रपति ने बुर्किना फ़ासो के साथ संबंधों की गुणवत्ता की सराहना की, जिसका प्रमाण उनके अनुसार 2019 में बुर्किना फ़ासो में भारतीय दूतावास का खुलना और भारत के प्रवेश वीज़ा जारी करने की प्रक्रिया का प्रभावी कार्यान्वयन है। उन्होंने दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को और सुदृढ़ करने के लिए अपनी और अपनी सरकार की तत्परता व्यक्त की तथा बुर्किना फ़ासो को संयुक्त सहयोग आयोग आयोजित करने हेतु नई दिल्ली में एक प्रतिनिधिमंडल भेजने के लिए आमंत्रित किया, जो दोनों देशों के बीच मधुर संबंधों को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक है।

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